
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में सफल 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें और देशवासियों को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इन 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक पटल पर अपनी एक नई और सुदृढ़ पहचान बनाई है। डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में आज भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना और मुफ्त राशन जैसी दूरदर्शी योजनाओं ने देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन को सुगम बनाया है।
उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति: ₹2 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम
मुख्यमंत्री धामी ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को ‘अभूतपूर्व’ विकास की सौगातें मिली हैं। राज्य में इस समय ₹2 लाख करोड़ से अधिक की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जो राज्य की आर्थिकी को बदल रही हैं। इनमें प्रमुख हैं:
चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना: चारों धामों की यात्रा को बारहमासी और सुरक्षित बनाने का कार्य। दिल्ली से देहरादून की दूरी और समय को बेहद कम करने वाला महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट। रुद्रपुर बाईपास, काठगोदाम-हल्द्वानी बाईपास, सितारगंज-टनकपुर, पौंटा साहिब-देहरादून और भानियावाला-ऋषिकेश जैसी रणनीतिक सड़कों पर निर्माण कार्य।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार
पहाड़ में रेल का सपना अब धरातल पर उतर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सामरिक और जनोपयोगी दृष्टि से महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से अपने पूर्णता की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही, बहुप्रतीक्षित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।
सड़क और रेल के अलावा, राज्य में हवाई सेवाओं के नेटवर्क को भी अभूतपूर्व मजबूती मिली है। जॉलीग्रांट (देहरादून), पंतनगर और सीमांत जिले के पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार कर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नया आयाम दिया गया है।
आध्यात्मिक पर्यटन को मिला ‘नया स्वरूप’: मानसखंड और रोपवे प्रोजेक्ट्स
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के विजन पर बात करते हुए सीएम धामी ने कहा कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास (मास्टर प्लान) के कार्यों से केदारघाटी और बद्रीश पुरी का भव्य कायाकल्प हुआ है।
कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को वैश्विक पटल पर लाने के लिए ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ पर तेजी से काम हो रहा है। इसके अतिरिक्त, गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे जैसी बड़ी परियोजनाएं आने वाले समय में बुजुर्ग और दिव्यांग तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को बेहद सुगम बना देंगी।
2047 के महा-संकल्प में अग्रणी रहेगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक एक पूर्ण विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि इस विकास यात्रा और महा-यज्ञ में उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक और राज्य सरकार अपनी अग्रिम व महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



